हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने इस्लामी इंक़ेलाब की वर्षगांठ के अवसर पर मुबारकबाद पेश की और कहा कि पिछल चार दशकों में हमने विज्ञान, तकनीक, रक्षा, उद्योग, एरोस्पेस, चिकत्सा और दूसरे अनेक क्षेत्रों में हैरतअंगेज़ तरक़्क़ी की है।
उन्होंने कहा कि आज इस्लामी गणराज्य ईरान आज तकनीक के अनेक क्षेत्रों और हाईटेक के मैदान में चोटी पर पहुंच चुका है जो बहुत ख़ुशी की बात है। हमारे देश ने सुप्रीम लीडर के नेतृत्व में और युवाओं की लगन के नतीजे में यह तरक़्क़ी की।
विदेश मंत्री ने कहा कि इस मुद्दत में दुश्मनों ने आतंकवादी पाबंदियां लगाईं और घिसी पिटी रणनीति को बार बार ईरान के ख़िलाफ़ इस्तेमाल करके हमारे जवानों को मायूस करने की कोशिश की मगर हमें ख़ुशी है कि हमने सभी क्षेत्रों मं प्रगति हासिल की।
हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने कहा कि राष्ट्रपति रईसी की सरकार में हम स्थायी आर्थिक विकास के लिए कोशिश कर रहे हैं। हम कभी वार्ता की मेज़ से नहीं भागे और कभी कूटनैतिक वार्ता से हमने ख़ुद को अलग नहीं किया जहां भी देश का हित नज़र आया हमने वाला सक्रिय रूप से काम किया। मगर साथ ही हम देश की संप्रभुता की रक्षा पर भी ज़ोर देते हैं।
हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियाद ने आईएईए से ईरान के सहयोग के बारे में कहा कि संस्था के साथ ईरान का सहयोग जारी है लेकिन इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए बल्कि तकनीकी बुनियादों पर यह प्रक्रिया आगे बढ़नी चाहिए। परमाणु वार्ता के बारे में उनका कहना था कि हम वार्ता तो चाहते हैं लेकिन तब जब इसका नतीजा निकलने वाला हो केवल वार्ता के लिए वार्ता करना हमारी शैली नहीं है।
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